निराश होकर कभी भी हम अतीत की बीती हुई बातों को परिवर्तित नहीं कर सकते। जीवन में पीछे मुड़कर देखने के बजाय भविष्य में आने वाले समय की ओर देखें। पश्चाताप या अफसोस की भावनाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए अतीत की घटनाओं को एक अनुभव के रूप में स्वीकार करें। उस बात से हमें क्या सीख मिली, इसका चिंतन करें। तभी आप अगली बार गलती नहीं करेंगे....
जयकारा शेरोवाली का ....बोलो सच्चे दरबार की जय ......
जयकारा शेरोवाली का ....बोलो सच्चे दरबार की जय ......

No comments:
Post a Comment