वैकुण्ठ चतुर्दशी व्रत आज ......
मित्रो, भगवान कृष्ण , भगवन विष्णु , भोले नाथ का प्रिय मास कार्तिक मास चल रहा है . स्कंध पुराण मे कहा गया है की कार्तिक मास के समान कोई मास नहीं , सतयुग के समान कोई युग नहीं, गंगा स्नान के समान कोई तीर्थ नहीं
मित्रो, भगवान कृष्ण , भगवन विष्णु , भोले नाथ का प्रिय मास कार्तिक मास चल रहा है . स्कंध पुराण मे कहा गया है की कार्तिक मास के समान कोई मास नहीं , सतयुग के समान कोई युग नहीं, गंगा स्नान के समान कोई तीर्थ नहीं
है। कार्तिक मास को चारों पुरूषार्थो - धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाले माना गया है।कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को बैकुण्ठ चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष यह व्रत कल यानि सोमवार, 26 नवम्बर 2012 को रखा जाएगा. इस शुभ दिन के उपलक्ष्य में भगवान शिव तथा विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है .कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को जो भक्त व्रत का पालन करते हैं और श्रद्धा - भक्ति से पूजा करते हैं उनके लिए स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं .इस दिन भगवान श्री हरि स्वर्ग के द्वार खुला रखने का आदेश देते हैं. इस दिन मृत्युलोक में रहना वाला जो भी भक्त भगवान विष्णु की पूजा करता है वह बैकुण्ठ धाम को प्राप्त करता है.कार्तिक शुक्ल चौदस के दिन ही भगवान विष्णु ने "मत्स्य" रुप में अवतार लिया था. इसके अगले दिन कार्तिक पूर्णिमा के व्रत का फल दस यज्ञों के समान फल देने वाला माना गया है..
सौजन्य - पंडित मुकेश शास्त्री, राज ज्यो पंडित मदन लाल शास्त्री स्मृति ज्योतिष केंद्र, जयपुर।mobile no...09602500110
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